
It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.
Please update to continue or install another browser.
Update Google Chromeब्रेकिंग न्यूज़
जम्मू । जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में एक लैंडमाइन को निष्क्रिय करने की कोशिश के दौरान दो सैनिक घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात मेंढर सेक्टर के कांगा गली में सैनिक लैंडमाइन को निष्क्रिय करने की कोशिश कर रहे थे, तभी वह फट गई। अधिकारियों ने बताया, "घायल सैनिकों को इलाज के लिए तुरंत आर्मी हॉस्पिटल ले जाया गया। सेना की पेट्रोलिंग पार्टी को लैंडमाइन का पता चला, जिसके बाद विस्फोटक डिवाइस को निष्क्रिय करने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया गया।" बता दें कि घुसपैठ रोकने वाले सिस्टम के तहत सीमा के पास के इलाकों में लैंडमाइन बिछाई जाती हैं, जो कभी-कभी बारिश में बह जाती हैं। तकनीकी भाषा में इन्हें 'ड्रिफ्ट लैंडमाइन' कहा जाता है और लाइन ऑफ कंट्रोल (एसओसी) पर होने वाली ज्यादातर दुर्घटनाएं इन्हीं लैंडमाइन की वजह से होती हैं।
जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल के पास ड्रिफ्ट लैंडमाइन से होने वाली दुर्घटनाएं मुख्य रूप से तब होती हैं, जब भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और मिट्टी के कटाव के कारण पुरानी एंटी-पर्सनल माइन अपनी जगह से हटकर उन रास्तों पर आ जाती हैं, जिन्हें पहले साफ या सुरक्षित घोषित किया गया था।
जब ये विस्फोटक बहकर ऐसे इलाकों में पहुंच जाते हैं, जिनकी पहचान नहीं की गई है, तो ये पेट्रोलिंग करने वाले सैनिकों, सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों और मवेशियों के लिए गंभीर खतरा बन जाते हैं।
बड़े पैमाने पर बादल फटना, अचानक बाढ़ आना या अचानक मिट्टी का खिसकना, पहाड़ी इलाकों की जमीन को बुरी तरह काट देता है, जहां सुरक्षा के लिए ग्रिड लगाए गए होते हैं।
पानी के बहाव के कारण जमीन में दबे और अक्सर जंग लगे एंटी-पर्सनल विस्फोटक पहाड़ों की ढलानों से नीचे खिसककर नदियों या गश्त वाले रास्तों पर आ जाते हैं। इससे उन माइनफील्ड्स (बारूदी सुरंगों वाले इलाकों) की सुरक्षा खत्म हो जाती है, जिनकी मैपिंग और घेराबंदी की गई थी।
केंद्र शासित प्रदेश के बारामूला, पुंछ और राजौरी जिलों में ऐसी जगहें हैं जिन्हें 'नो मैन्स लैंड' कहा जाता है और घुसपैठ रोकने वाले ग्रिड के तहत वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं। यहां पहले भी खिसकती हुई बारूदी सुरंगों की वजह से हादसे हो चुके हैं।
इस बीच, नलवा देगवार टेरवान इलाके से जंग लगा हुआ एक बिना फटा विस्फोटक मिला, जिसे बाद में सेना के बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में सड़क निर्माण का काम कर रहे कुछ मजदूरों की नजर इस चीज पर पड़ी, जिसके बारे में माना जा रहा है कि यह एक हैंड ग्रेनेड था।
बॉर्डर 2 तिरंगा यात्रा’ के साथ जयपुर और उदयपुर में म्यूज़िक और ज़ . . .
2026-08-12 13:19:07
राजस्थान शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल . . .
2026-08-12 12:20:49
शहरी निकाय प्रमुखों और जिला प्रमुखों की लॉटरी 13 अगस्त को जयपुर म . . .
2026-08-12 12:18:20
जयपुर में 16 नई इलेक्ट्रिक बसों की मंगलवार से शुरुआत की गई . . .
2026-08-12 12:27:51
बच्चों को सरप्राइज देने थिएटर पहुंचे एक्टर हिमांश-कोहली . . .
2026-08-12 12:25:01
दर्दनाक सड़क हादसा: स्कॉर्पियो ने स्कूल बस को मारी टक्कर, 19 स्कू . . .
2026-08-08 15:11:22