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सडक़ हादसा होने पर इलाज के लिए सरकार देगी 7 दिन तक 1.5 लाख रुपए का केशलेस इलाज
By Lokjeewan Daily - 11-08-2026

- गोल्डन ऑवर में घायल को मिलेगा तत्काल इलाज
-शुरुआती इलाज के लिए जमा नहीं कराना होगी राशि
भीलवाड़ा लोकजीवन।  सडक़ हादसे के तुरंत बाद अब परिजनों को इलाज के खर्च या अस्पतालों में एडवांस राशि जमा कराने की चिंता नहीं करनी होगी। सरकार की पीएम राहत योजना के तहत सडक़ दुर्घटना में घायल व्यक्ति को हादसे के दिन से 7 दिन तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का पूरी तरह कैशलेस इलाज दिया जाएगा। दरअसल, प्रधानमंत्री सडक़ दुर्घटना पीडि़त अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार (पीएम राहत) योजना के तहत सडक़ हादसे में घायल व्यक्ति को हादसे की तारीख से सात दिन तक अधिकतम 1.50 लाख रुपए तक का पूरी तरह कैशलेस इलाज मिलता है। इस योजना का मकसद दुर्घटना के बाद सबसे अहम ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल को बिना किसी आर्थिक रुकावट के तुरंत इलाज उपलब्ध कराना है। अक्सर देखा जाता है कि हादसे के बाद परिजन इलाज शुरू होने से पहले एडवांस राशि जमा कराने के लिए इधर-उधर भटकते हैं। कई मामलों में घायल एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकता रहता है और इलाज में देरी जानलेवा साबित हो जाती है। नई व्यवस्था में घायल या उसके परिजनों को शुरुआती इलाज के लिए एक भी रुपया जमा नहीं कराना होगा। अधिकृत अस्पताल सीधे मरीज का उपचार शुरू कर रहे हैं और खर्च मोटर वाहन दुर्घटना कोष से वहन किया जा रहा है। योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यदि दुर्घटना के समय घायल की पहचान नहीं हो पाती, तब भी अस्पताल इलाज रोक नहीं सकेंगे। अस्पताल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मरीज का डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण कर तत्काल उपचार शुरू कर देंगे। पहचान, दस्तावेज और अन्य औपचारिकताएं बाद में पूरी की जाएंगी।
डिजिटल सिस्टम से होगी पूरी निगरानी
पूूरी प्रक्रिया डीएआर और टीएमएस 2.0 डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ी गई है। 112 हेल्पलाइन के जरिए घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाता है। 24 से 48 घंटे के भीतर पुलिस सत्यापन की कार्रवाई होगी। इलाज और भुगतान की पूरी प्रक्र्रिया ऑनलाइन है, जिससे किसी तरह की देरी नहीं होगी।
गोल्डन ऑवर बचाएगा जिंदगी
सडक़ दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, यानी गोल्डन ऑवर, सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी दौरान सही उपचार मिल जाए तो गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

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