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​5 दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग: भीलवाड़ा में बैंक कर्मियों की महाहड़ताल, 1500 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
By Lokjeewan Daily - 27-01-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन (लोकेश सोनी)। राष्ट्रीयकृत बैंकों में पिछले 10 वर्षों से लंबित 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लागू करने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। 12वें द्विपक्षीय समझौते में यूनियनों और आईबीए के बीच सहमति बनने के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना जारी न करने के विरोध में मंगलवार को जिले भर के बैंक कर्मियों ने कामकाज ठप रखा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर आयोजित इस एक दिवसीय हड़ताल के कारण भीलवाड़ा जिले की 130 से अधिक बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

​हड़ताल का व्यापक असर जिले के आर्थिक व्यापार पर भी देखने को मिला। अनुमान के अनुसार, नकद लेनदेन, चेक क्लीयरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाओं के बंद होने से जिले भर में लगभग 1500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। सुबह से ही कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की।

सरकार की हठधर्मिता पर बरसे कर्मचारी

यूएफबीयू की स्थानीय इकाई द्वारा एसबीआई की बसंत विहार शाखा के बाहर मुख्य प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार के अपने कार्यालयों, एलआईसी, आरबीआई और नाबार्ड जैसे संस्थानों में पहले से ही 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंकों के मामले में वित्त मंत्रालय हठधर्मिता दिखा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद भी इसे लटकाना बैंकिंग समुदाय के साथ अन्याय है।

इन्होंने किया प्रदर्शन का नेतृत्व

इस विरोध प्रदर्शन में जिले भर से आए सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। आंदोलन को सेवानिवृत्त बैंक कर्मियों ने भी अपना समर्थन दिया। प्रदर्शन के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से अभिषेक सुथार, सुनील पारिक, ललित जीनगर, दिलीप पारख, महिला प्रतिनिधि ममता मीणा, बैंक ऑफ बड़ौदा से अशोक बिड़ला, एस.पी. तिवारी, पीएनबी से शिव सोडाणी, रोनक बाल्दी सहित शिरीष व्यास, सुभाष रांका और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। यूएफबीयू ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांग पूरी नहीं हुई तो आगामी समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल जैसा कड़ा कदम उठाया जाएगा।

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