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पालनागृह में छोड़ा नवजात, बची मासूम की जान, नाम रखा गया ‘मन’
By Lokjeewan Daily - 03-02-2026

भीलवाड़ा लोकजीवन। महात्मा गांधी अस्पताल स्थित मातृ एवं शिशु चिकित्सालय परिसर में उस समय भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया जब पालनागृह में एक दिन का नवजात शिशु लावारिस अवस्था में मिला। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा छोड़े गए इस मासूम को समय रहते अस्पताल स्टाफ ने सुरक्षित बचा लिया, जिससे एक नन्हा जीवन नई उम्मीद के साथ सांस ले सका। जैसे ही पालनागृह में नवजात को रखा गया, वहां लगे सेंसर आधारित अलार्म ने संकेत दे दिया। अलार्म की आवाज सुनते ही एनआईसीयू वार्ड का नर्सिंग स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा और बच्चे को अपने संरक्षण में लिया। उस समय बच्चा बेहद कमजोर अवस्था में था, लेकिन अस्पताल कर्मियों की तत्परता से उसे तुरंत उपचार उपलब्ध कराया गया। बताया गया कि बच्चा मात्र एक दिन का है और उसका वजन करीब 2 किलो 100 ग्राम है। फिलहाल उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत अब स्थिर है और उसे आवश्यक पोषण व देखभाल दी जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने पुलिस और बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं को सूचित किया। इसके बाद बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष चंद्रकला ओझा एवं सदस्य विनोद राव अस्पताल पहुंचे और बच्चे की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इस नवजात को स्नेहपूर्वक ‘मन’ नाम दिया। बाल कल्याण समिति ने कहा कि यह बच्चा अब समाज की जिम्मेदारी है और उसे सुरक्षित भविष्य देने के लिए सभी आवश्यक कानूनी व संरक्षण प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। समिति द्वारा बच्चे को पालन-पोषण की उचित व्यवस्था उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया। इस घटना ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर किन परिस्थितियों में किसी को अपने नवजात शिशु को छोडऩे जैसा कठोर निर्णय लेना पड़ता है। हालांकि यह दृश्य बेहद पीड़ादायक है, लेकिन पालनागृह जैसी व्यवस्था और अस्पताल कर्मचारियों की संवेदनशीलता ने यह साबित कर दिया कि मानवता अभी जीवित है। अब ‘मन’ एक नए जीवन की शुरुआत कर रहा है। उम्मीद है कि उसे वह प्यार, सुरक्षा और अपनापन मिलेगा, जिसकी हर बच्चे को जरूरत होती है।

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