
It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.
Please update to continue or install another browser.
Update Google Chromeब्रेकिंग न्यूज़
- कोर्ट के आदेश से नगर परिषद पहुंचा कुर्की दल
- आयुक्त ने दल से मांगा 5 दिन का समय
राजसमंद लोकजीवन। शहर के लोगों की प्यास बुझाने के लिए वर्ष 2011 में किए गए कार्य का भुगतान पाने के लिए एक ठेकेदार पिछले करीब 15 वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। मेहनत का पैसा नहीं मिलने के बाद आखिरकार ठेकेदार ने 3 वर्ष पूर्व न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने शुक्रवार को नगर परिषद के खिलाफ आदेश देते हुए ठेकेदार को राहत दी। जानकारी के अनुसार नगर परिषद के ठेकेदार बद्रीलाल भोई ने बताया कि वर्ष 2011 में राजसमंद नगर परिषद क्षेत्र के शहरवासियों के लिए पानी की किल्लत देखते हुए परिषद ने पेयजल आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान ठेकेदार ने 255 रुपया प्रति टैंकर के हिसाब से शहर में 3721 पानी के टैंकर से जलापूर्ति की थी। ठेकेदार का नगर परिषद पर 12 लाख बिल बनाया? अपनी बकाया राशि मे से 3 लाख का भुगतान कर दिया।दिया। बाकी रकम 9 लाख 48 हजार 855 रुपया के लिए ठेकेदार को वर्षों तक जूते चप्पल की घिसवाते रहे।
अगस्त 2022 को न्यायालय की शरण में पहुंचा ठेकेदार
नगर परिषद से अपनी बकाया राशि वसूलने के लिए ठेकेदार बद्रीलाल भोई ने अगस्त 2022 में न्यायालय की शरण में वाद प्रस्तुत किया। न्यायालय में 3 साल चले मुकदमे में 7 अगस्त 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने नगर परिषद आयुक्त की कार को कुर्की कर ठेकेदार की बकाया राशि पर अगस्त 2022 से 6 प्रतिशत ब्याज लगाकर वसुलने का आदेश दिया।
कोर्ट की टीम को देखकर नगर परिषद में मचा हडक़ंप
मामले में न्यायालय के आदेश के बाद शुक्रवार को कोर्ट के कार्मिक कुर्की का आदेश लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। कार्रवाई की सूचना से नगर परिषद में हलचल मच गई। इस दौरान नगर परिषद आयुक्त विजेश मंत्री ने बकाया भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए न्यायालय से 5 दिन का समय मांगा। आयुक्त की ओर से लिखित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद फिलहाल कुर्की की कार्रवाई पर 5 दिन का विराम लग गया। अब देखना होगा कि नगर परिषद निर्धारित समय में बकाया राशि के भुगतान को लेकर क्या कदम उठाती है।
15 साल से आस लगाए बैठा ठेकेदार
बद्रीलाल का कहना है कि उसने वर्ष 2011 में कार्य पूरा कर दिया था और उसके एवज में करीब 12 लाख रुपए की राशि बनती थी। इसमें से लगभग 3 लाख रुपए का भुगतान हुआ, लेकिन शेष राशि आज तक अटकी हुई है। वर्षों तक भुगतान की उम्मीद में कार्यालयों के चक्कर काटने के बाद उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब 5 दिन की मोहलत के बाद क्या बकाया भुगतान होगा या फिर कुर्की की कार्रवाई आगे बढ़ेगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
बॉर्डर 2 तिरंगा यात्रा’ के साथ जयपुर और उदयपुर में म्यूज़िक और ज़ . . .
2026-08-12 13:19:07
राजस्थान शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल . . .
2026-08-12 12:20:49
शहरी निकाय प्रमुखों और जिला प्रमुखों की लॉटरी 13 अगस्त को जयपुर म . . .
2026-08-12 12:18:20
जयपुर में 16 नई इलेक्ट्रिक बसों की मंगलवार से शुरुआत की गई . . .
2026-08-12 12:27:51
बच्चों को सरप्राइज देने थिएटर पहुंचे एक्टर हिमांश-कोहली . . .
2026-08-12 12:25:01
दर्दनाक सड़क हादसा: स्कॉर्पियो ने स्कूल बस को मारी टक्कर, 19 स्कू . . .
2026-08-08 15:11:22