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Update Google Chromeब्रेकिंग न्यूज़
राजसमंद लोकजीवन। विश्व कैंसर दिवस पर आचार्य महाश्रमण के आशीर्वाद एवं अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में देशभर में कैंसर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में तेरापंथ महिला मंडल राजनगर एवं कांकरोली के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को सर्वाइकल कैंसर जांच हेतु पैप स्मियर टेस्ट का शिविर राजसमंद में 100 फीट रोड स्थित स्वास्थ्य भवन में लगाया जाएगा। जैन मुनि संबोध कुमार ने भिक्षु निलयम में संबोधित करते हुए कहा की मानव जीवन में संयम का महत्व सर्वाधिक है, जब जीवन में संयम होता है तब हम बीमारियों से जीत जाते हैं, खान-पान, रहन-सहन हर जगह संयम अपनाना आवश्यक है। उन्होंने आमजन से शिविर का लाभ लेने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की अपील की। तेरापंथ महिला मंडल राजनगर अध्यक्षा श्रितु धोका एवं तेरापंथ महिला मंडल कांकरोली अध्यक्षा मनीषा कच्छारा ने बताया कि विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में मुनि सुरेश कुमार के सहवर्ती मुनि संबोध कुमार ‘मेधांश’ ने अपने सम्बोधन में कहा कि जीवन सदियों के पुरुषार्थ का परिणाम है। आज स्वास्थ्य सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कैंसर निश्चित ही एक गंभीर चुनौती है, लेकिन सतत प्रयास, जागरूकता और संयम से इस पर विजय पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह शिविर राजसमंद की नारी शक्ति को निरामय एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।तेरापंथ महिला मंडल राजनगर अध्यक्षा रितु धोका ने बताया कि 04 फरवरी को प्रात: 9:बजे से 1बजे तक कैंसर अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। सेमिनार के पश्चात अधिक महिलाओं का पैप स्मियर टेस्ट किया जाएगा, जो पूर्णत: नि:शुल्क होगा।तेरापंथ महिला मंडल कांकरोली अध्यक्षा मनीषा कच्छारा ने बताया कि पैप स्मियर टेस्ट महिलाओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जांच है। यह मुख्य रूप से सर्वाइकल कैंसर की पहचान के लिए किया जाता है, जिससे गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले असामान्य परिवर्तनों का समय रहते पता लगाया जा सकता है।तेरापंथ महिला मंडल कांकरोली उपाध्यक्ष सरोज चोरडय़िा ने बताया कि इस जांच की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कैंसर होने से पहले की अवस्था (प्री-कैंसरस सेल्स) को पहचान लेती है, जिससे समय पर उपचार संभव हो पाता है। यह एक सरल एवं लगभग दर्द रहित प्रक्रिया है।तेरापंथ महिला मंडल राजनगर कोषाध्यक्ष आशा सोनी ने जानकारी दी कि सामान्यत: 21 से 65 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को यह जांच नियमित रूप से करवाने की सलाह दी जाती है। यह टेस्ट कैंसर की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है।
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