धनतेरस कल, बाजारों में बरसेगा धन, होगी पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरूआत
- 7 को मनाएंगे रूप चर्तुदशी, महिलाएं निखारेखी रूप - 8 को दीपावली पर होगा माता लक्ष्मी का पूजन
भीलवाड़ा लोकजीवन न्यूज। वस्त्रनगरी में पांच दिवसीय दीपदानोत्सव की शुरुआत के साथ ही धन और समृद्धि का महापर्व परवान पर चढऩे लगा है। शहर का हर कोना रोशनी से जगमगा रहा है और बाजारों में ऐसी रौनक छाई है कि धनवर्षा के पूरे आसार दिखाई दे रहे हैं। घरों में रंग-रोगन व साफ-सफाई का कार्य अंतिम दौर में है, वहीं सर्राफा, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा और ऑटोमोबाइल शोरूम्स दुल्हन की तरह सज चुके हैं। व्यापारियों का अनुमान है कि इस बार त्योहारी सीजन में भीलवाड़ा के बाजारों में धन की झमाझम बारिश होगी और करोड़ों रुपये का रिकॉर्ड कारोबार बनेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार धनतेरस से लेकर अन्नकूट तक इस बार ऐसे दुर्लभ योग बन रहे हैं, जिनमें की गई खरीदारी और पूजा-अर्चना से घर-परिवार में धन-धान्य की कभी कमी नहीं रहेगी। 6 नवंबर शुक्रवार को धनतेरस पर धन्वंतरि जयंती व लक्ष्मी-कुबेर पूजन होगा। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी पर धातु, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन व वाहनों की खरीदारी से घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
धनतेरस से लेकर दीपावली तक के शुभ मुर्हूत
6 नवंबर को धनतेरस पर चर-लाभ-अमृत का चौघडिय़ा (प्रात:) 06.40 से 10. 45 बजे तक , शुभ का चौघडिय़ा (दोपहर) 12. 05 से 01.30 बजे तक, प्रदोष काल व वृषभ लग्न (शाम) 05. 45 से 07. 40 तक कुबेर व लक्ष्मी पूजन हेतु सर्वश्रेष्ठ रहेगा। 7 नवंबर (शनिवार) रूप चतुर्दशी नरक निवारण व सौंदर्य सिद्धि रूप निखारने और यमराज के नाम दीपदान करने का विशेष दिन। इस दिन अभ्यंग स्नान और यम दीपदान से आरोग्य और समृद्धि प्राप्त होती है। इस दिन अभ्यंग स्नान (प्रात:) 05.15 से 06. 35 बजे तक
यम दीपदान (संध्याकाल) 05. 40 से 07.15 बजे तक। . 8 नवंबर (रविवार) दीपावली महालक्ष्मी पूजन
रोशनी और वैभव का मुख्य पर्व दीपावली रविवार को मनाया जाएगा। स्थिर लग्न (वृषभ व सिंह) में महालक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर देव का पूजन करने से वर्षभर तिजोरी भरी रहती है। महालक्ष्मी पूजन के सर्वोत्तम मुहूर्त - प्रदोष काल व वृषभ लग्न (गृहस्थों के लिए सर्वोत्तम) 05. 42 से 07.38 बजे तक। चौघडय़िा मुहूर्त (संध्या पूजन): 05.42 से 08. 58 बजे तक (शुभ व अमृत) महानिशीथ काल व सिंह लग्न (व्यापारियों व तंत्र साधना हेतु 12.10 से 02.25 8-9 नवंबर मध्यरात्रि का समय रहेगा। 10 नवंबर (मंगलवार) अन्नकूट महोत्सव व गोवर्धन पूजा के तहत भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित करने और गोवर्धन पूजा का पावन पर्व मंगलवार को भीलवाड़ा के विभिन्न मंदिरों में धूमधाम से मनाया जाएगा। शुभ मुहूर्त प्रात:काल मुहूत: 06.45 से 09.10 बजे तक। सायंकाल अन्नकूट झांकी व प्रसाद वितरण 03.30 से 06.30 बजे तक रहेगा।
वीर हनुमान और बद्रीनारायण मंदिर में अन्नकूट महोत्सव
शहर में 10 नवंबर, मंगलवार को वीर हनुमान मंदिर और प्राचीन बद्रीनारायण मंदिर में अन्नकूट महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। वीर सावरकर चौक स्थित वीर हनुमान मंदिर में ट्रस्ट अध्यक्ष महेंद्र पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महोत्सव की रूपरेखा तय की गई। कोषाध्यक्ष दिनेश जागेतिया को प्रसाद निर्माण व वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रम के तहत शाम 6:00 बजे महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं को अन्नकूट प्रसाद वितरित किया जाएगा। बैठक में राजेंद्र विजयवर्गीय, नटवर विजयवर्गीय और जगदीश तोषनीवाल सहित अन्य ट्रस्टी उपस्थित रहे। वहीं, पुराना शहर धानमंडी स्थित प्राचीन बद्रीनारायण मंदिर में संध्या वेला में अन्नकूट महोत्सव का आयोजन होगा। ट्रस्ट अध्यक्ष ओम प्रकाश भदादा के अनुसार, आरती के बाद भगवान को मिक्स हरी सब्जियों और दाना-नुक्ती का भोग लगाकर भक्तों में प्रसाद बांटा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान भगवती भजन मंडल द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए जाएंगे। समस्त धार्मिक अनुष्ठान पुजारी गोविंद चौबे की देखरेख में संपन्न होंगे।
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