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भीलवाड़ा

दीपावली पर एमजीएच में इमरजेंसी अलर्ट, 10 बेड का बनाया वार्ड, 30 बेड रिजर्व

- 24 घंटे ऑन कॉल डयूटी पर रहेंगे चिकित्सक - लाइफ सेविंग दवाओं का स्टॉक तैयार

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लोकजीवन संवाददाता

06 नवम्बर 2026, 02:23 PM 2 मिनट में पढ़ें

दीपावली पर एमजीएच में इमरजेंसी अलर्ट, 10 बेड का बनाया वार्ड, 30 बेड रिजर्व

 भीलवाड़ा लोकजीवन न्यूज। दीपावली की रात आकस्मिक आगजनी, दीयों की लौ से कपड़े पकडऩे और पटाखों से झुलसने की घटनाओं से निपटने के लिए महात्मा गांधी चिकित्सालय पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। अस्पताल में आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए है। दीपोत्सव के दौरान 24 घंटे सर्जन, फिजिशियन, ऑर्थोपेडिशियन, नेत्र चिकित्सक, पिडियािट्रशियन की ऑन-कॉल तैनाती तय की गई है। अस्पताल में इमरजेंसी के समीप 10 बेड का स्पेशल वार्ड तैयार किया गया है। ताकि अचानक आने वाले मरीजों को भर्ती करने में कोई अड़चन न आए। इसके साथ ही वार्ड में पर्याप्त मात्रा में सिल्वर सल्फाडायजीन ऑइंटमेंट, स्टेरलाइज्ड पट्टियां, एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर इंजेक्शन, प्लाज्मा वॉल्यूम एक्सपैंडर और आईवी ड्रिप का स्टॉक रखवाया गया है। दीपोत्सव पर व्यवस्थाएं माकूल रहे इसे लेकर  एमजीएच में अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में आपातकालीन िस्थतियों से निपटने के लिए कमेटी का गठन किया गया। इसका प्रभारी सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता को बनाया गया। बैठक में उपनियंत्रक डॉ. कपिल शर्मा, एमसीएच प्रभारी डॉ. इंदिरा सिंह पोल, डॉ. मनीषा बहड़, नर्सिँंग अधीक्षक मौजूद रहे। बैठक में 10 वार्ड के बेड के साथ 30 अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए। इसके साथ ही सभी विभागाध्यक्षों व वार्ड प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए है। एमजीएच के सर्जन एवं चर्म रोग विशेषज्ञों ने आमजन से अपील की है कि पटाखे जलाते समय सूती कपड़े पहनना सबसे सुरक्षित रहता है। सिंथेटिक, जॉर्जेट या ढीले-ढाले कपड़े आग को तेजी से पकड़ते हैं और त्वचा से चिपक जाते हैं। लोग झुलसने पर तुरंत उस पर टूथपेस्ट, स्याही, तेल, आटा या गोबर लगा देते हैं। यह अज्ञानता घाव में गंभीर फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण पैदा कर देती है, जिससे मरीज सेप्सिस का शिकार हो सकता है। डॉक्टरों की स्पष्ट सलाह है कि शरीर का कोई भी अंग जलने पर कम से कम 15 से 20 मिनट तक सामान्य बहते पानी की धार के नीचे रखें। बर्फ लगाने से बचें क्योंकि बर्फ रक्त संचार को रोककर टिश्यूज को नुकसान पहुंचाती है। जले हिस्से को किसी साफ, सूखे सूती कपड़े से ढककर तुरंत अस्पताल लाएं।

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