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भीलवाड़ा

खूबसूरत वादियों के बीच मौत का खतरनाक मोड़ नागदी बांध...

15 दिन में 3 हादसे, 2 की मौत और 22 लोग घायल; आखिर कब जागेगा जिम्मेदार महकमा?

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भगवत सिंह टाक

29 अक्टूबर 2026, 06:44 PM 3 मिनट में पढ़ें

खूबसूरत वादियों के बीच मौत का खतरनाक मोड़ नागदी बांध...

 जहाजपुर LOKJEEWAN। नागदी बांध का खूबसूरत नजारा अब हादसों के खौफ में बदलता जा रहा है। पहाडय़िों के बीच से गुजरती सडक़, बांध का पानी और घुमावदार मोड़ देखने में जितना आकर्षक लगता है, हकीकत में यह मोड़ वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। यहां लगातार हो रहे हादसों ने सडक़ सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते 15 दिनों में इस मोड़ पर तीन हादसों में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद सवाल वही है—आखिर इस मोड़ पर हादसों का सिलसिला कब थमेगा? नागदी बांध के पास सडक़ का घुमाव और आसपास फैला पानी इस स्थान को अलग पहचान देता है। लेकिन यही घुमाव अब लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। सडक़ पर वाहन अनियंत्रित होने से सीधे बांध के पानी में गिरने का खतरा बना रहता है। हालिया हादसों ने यह साफ कर दिया है कि इस स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और प्रभावी चेतावनी संकेत कितने जरूरी हैं। हादसों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदार विभागों की नींद खुलेगी? क्या इस मोड़ पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, मजबूत सुरक्षा रेलिंग और रात में स्पष्ट दिखाई देने वाले संकेतक मौजूद हैं? यदि नहीं, तो इन्हें लगाने में देरी क्यों हो रही है? बांध के किनारे स्थित इस घुमावदार मार्ग पर वाहन चालकों को पहले से सतर्क करने के लिए स्पष्ट संकेत जरूरी हैं। विशेषकर रात के समय और कम दृश्यता की स्थिति में सुरक्षा इंतजामों की अहमियत और बढ़ जाती है।
15 दिन में तीन हादसे, दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। बीते 15 दिनों में तीन हादसों में दो लोगों की जान चली गई और 22 लोग घायल हो गए। ये आंकड़े महज दुर्घटनाओं का विवरण नहीं, बल्कि सडक़ सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी हैं। हाल ही में बुधवार सुबह करीब चार बजे नागदी बांध के इसी मोड़ के पास एक क्रेटा कार अनियंत्रित होकर पानी में जा गिरी। हादसे में अनीस की मौत हो गई, जबकि वसीम को सुरक्षित बचा लिया गया। बताया गया कि वसीम की बचाओ-बचाओ की आवाज सुनकर राहगीर मौके पर पहुंचे और उसे बचाने में मदद की। इससे पहले भी इसी स्थान पर वाहन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर इस मोड़ पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को सामने ला दिया है।

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