अधिकारी जनसेवा के उत्तरदायित्व को पूर्ण जिम्मेदारी से निभाएं -भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री का राज्य सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद
विभिन्न राज्य सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से साझा किए अनुभव
जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में वास्तविक सफलता आम नागरिक के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से तय होती है। हमेशा आमजन की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखकर प्रशासन द्वारा प्रत्येक निर्णय लिया जाना चाहिए। अधिकारी अपने पद को अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि जनसेवा के उत्तरदायित्व के रूप में समझें। उन्होंने कहा कि वे अपने संघर्ष और अतीत को याद रखें एवं इससे प्रेरणा लेकर आमजन के हित में कार्य करें तथा अपने उद्देश्य की दिशा कभी न बदलें, क्योंकि जीवन की असली परीक्षा तो जिम्मेदारी के पद पर बैठने के बाद शुरू होगी।
मुख्यमंत्री गुरुवार को एचसीएम रीपा (ओटीएस) के बी एस मेहता सभागार में राज्य सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपने और भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हर वर्ष आरएएस भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारी हर व्यक्ति और पूरे राजस्थान को अपना परिवार समझें तथा पूर्ण संवेदना के साथ आमजन से जुड़कर उनकी समस्या का समाधान करें।
जनविश्वास को बनाएं प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी-
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालय में आने वाला प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी उम्मीद के साथ आता है। ऐसे में अधिकारियों का व्यवहार, कार्यशैली और निर्णय उस व्यक्ति का प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसेवा में अधिकारी की सबसे बड़ी पूंजी चरित्र और जनता का विश्वास होता है। इसलिए ईमानदारी और निष्पक्षता को अपने कार्य का आधार बनाएं। उन्होंने अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करें, जिसमें लोगों को अपने काम के लिए अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ें और प्रत्येक व्यक्ति की बात सम्मानपूर्वक सुनी जाए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में जाकर लोगों से मिलें, उनकी समस्याएं सुनें और स्थानीय परिस्थितियों को समझें। जनसुनवाई को केवल औपचारिक गतिविधि तक सीमित न रखते हुए समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बनाया जाए।
योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना हो प्राथमिकता-
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतियां और योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचे और उसके जीवन में वास्तविक सुधार दिखाई दे। इसके लिए अधिकारियों को योजनाओं की पात्रता, प्रक्रियाओं और समयसीमा की स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं निर्धारित करने, स्पष्ट लक्ष्य तय करने तथा नियमित रूप से उनकी प्रगति की समीक्षा करने पर बल दिया।
प्रशासन को प्रभावी बनाने में तकनीक का करें उपयोग-
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सेवाएं, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शासन एवं प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। युवा अधिकारी अपनी तकनीकी समझ का उपयोग प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, समय की बचत करने और सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवाओं का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना जरूरी है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि केवल तकनीक का उपयोग नहीं कर पाने के कारण कोई व्यक्ति सरकारी सेवा के लाभ से वंचित न रह जाए।
युवाओं को अवसर और आत्मनिर्भरता प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता-
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान का युवा ऊर्जा, प्रतिभा और आकांक्षाओं से भरा हुआ है। उसे अच्छी शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार के अवसर और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण चाहिए। राज्य सरकार युवाओं की क्षमताओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी दिशा में राज्य में 1 लाख 93 हजार पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं, जबकि 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है। वहीं, वर्ष 2026 में सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने निजी क्षेत्र में भी युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए हैं।
विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प की सिद्धि में निभाएं सक्रिय भूमिका-
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प रखा है। इसी राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ने विकसित राजस्थान-2047 का लक्ष्य निर्धारित किया है। राजस्थान में ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, खनन, उद्योग, हस्तशिल्प, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजारों से जोड़ने, ऐतिहासिक धरोहर एवं समृद्ध लोकसंस्कृति के अनुरूप पर्यटन को बढ़ावा देने तथा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा की सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रशिक्षु अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस दिशा में नीतियों को धरातल पर लागू करने, विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय समस्याओं के समाधान में उन्हें सक्रिय भूमिका निभानी होगी। साथ ही, उन्हें विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए दूरदृष्टि के साथ प्रभावी क्रियान्वयन की क्षमता भी विकसित करनी होगी।
अच्छे विचारों को व्यवहार में बदलें-
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि प्रशासन में ईमानदारी, संवेदनशीलता और निष्पक्षता ही जनविश्वास की सबसे मजबूत नींव हैं। वे अच्छे विचारों को व्यवहार में लाकर सभी को साथ लेकर साझा लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की सबसे बड़ी उपलब्धि वह विश्वास होगा, जो आम नागरिक उनके प्रति व्यक्त करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्थान के विकास का रोड मैप बनाया जिसके तहत सबसे पहले जल उपलब्धता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते किए गए। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को 4 जल समझौतों की सौगात मिली, जिसमें रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौता शामिल है। राज्य सरकार इनसे जुड़े विकास कार्यों को गति प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देवास, माही और ब्राह्मणी जैसी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान बिजली में आत्मनिर्भर प्रदेश बना है। 27 जिलों के किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध हो रही है और वर्ष 2027 तक सभी जिलों के किसानों को दिन में बिजली की आपूर्ति होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया, जिसमें 35 लाख करोड़ के एमओयू हुए। इनमें से लगभग 9 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी भी शुरू हो चुकी है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाईवे के निर्माण से प्रदेश में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जवाबदेही, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता से सबका साथ, सबका विकास और राष्ट्र प्रथम की भावना के जरिए राष्ट्रसेवा का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने 181 हेल्पलाइन का नियमित दौरा कर हम सभी के लिए नागरिक-केंद्रित सुशासन का प्रेरणादायक उदाहरण दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रशिक्षु अधिकारियों को सुशासन, जनसेवा और प्रशासनिक उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है।
इस अवसर पर महानिदेशक एचसीएम रीपा श्रेया गुहा सहित अन्य अधिकारीगण एवं राज्य सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, वीसी के माध्यम से उदयपुर से भी प्रशिक्षु अधिकारी इस संवाद कार्यक्रम में जुड़े।
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