It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.

Please update to continue or install another browser.

Update Google Chrome

वृंदावन में एक ही जगह चार धाम के दर्शन, शिव से लेकर राधा-कृष्ण और वैष्णो माता तक के होंगे दर्शन
By Lokjeewan Daily - 23-09-2026

वृंदावन का नाम सुनते ही मन में राधा-कृष्ण की भक्ति, मंदिरों की घंटियां और भजन-कीर्तन की धुन गूंजने लगती है। देश ही नहीं, विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लेकिन वृंदावन की धार्मिक यात्रा में एक ऐसा स्थान भी है, जहां एक ही परिसर में अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन किए जा सकते हैं। छटीकरा इलाके में स्थित चारधाम मंदिर धार्मिक आस्था के साथ अपनी विशाल प्रतिमाओं और आकर्षक परिसर के कारण भी श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। छटीकरा में स्थित है चारधाम मंदिर
वृंदावन के छटीकरा क्षेत्र में स्थित यह मंदिर मथुरा और आगरा की ओर जाने वाले मार्ग से आसानी से नजर आता है। परिसर में स्थापित भगवान शिव और माता वैष्णो की विशाल प्रतिमाएं दूर से ही लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं। मंदिर परिसर में अलग-अलग देवी-देवताओं के लिए धाम बनाए गए हैं, जिसके कारण एक ही स्थान पर कई धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिलता है।
एक परिसर में शनि, राधा-कृष्ण, शिव और वैष्णो माता धाम
चारधाम मंदिर की खासियत यहां मौजूद चार प्रमुख धाम हैं। इनमें शनि धाम, राधा-कृष्ण धाम, शिव धाम और वैष्णो माता धाम शामिल हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार इन सभी स्थानों पर दर्शन और पूजा कर सकते हैं।
शनि धाम
मंदिर परिसर के शनि धाम में शनिदेव की प्रतिमा स्थापित है। शनिवार के दिन यहां विशेष रूप से श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। भक्त शनिदेव को तेल अर्पित कर पूजा करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा जीवन में स्थिरता की कामना करते हैं। शांत वातावरण के कारण यह परिसर श्रद्धालुओं को कुछ समय ठहरने का अवसर भी देता है।
राधा-कृष्ण धाम
वृंदावन की धार्मिक पहचान भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी से जुड़ी हुई है, इसलिए चारधाम मंदिर का राधा-कृष्ण धाम भी विशेष आकर्षण रखता है। यहां राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित हैं। मंदिर में आरती, भजन और कीर्तन का आयोजन होता है। जन्माष्टमी और राधाष्टमी जैसे अवसरों पर मंदिर की विशेष सजावट की जाती है।
शिव धाम
चारधाम मंदिर में भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी प्रमुख आकर्षण है। यहां शिवलिंग के साथ भगवान भोलेनाथ की बड़ी प्रतिमा स्थापित है। स्रोत के अनुसार, भगवान शिव की प्रतिमा की ऊंचाई करीब 175 फीट है। इसकी विशालता श्रद्धालुओं के साथ-साथ वृंदावन आने वाले पर्यटकों का भी ध्यान आकर्षित करती है।

वैष्णो माता धाम
परिसर में वैष्णो माता धाम भी बनाया गया है, जहां माता के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन किए जा सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष आयोजन होते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां भगवान शिव के साथ माता की करीब 141 फीट ऊंची प्रतिमा भी आकर्षण का केंद्र है।
पारंपरिक शैली और आधुनिक डिजाइन का मेल
चारधाम मंदिर की बनावट में पारंपरिक मंदिर शैली के साथ आधुनिक डिजाइन की झलक भी दिखाई देती है। परिसर का मुख्य प्रवेश द्वार, देवी-देवताओं की विशाल प्रतिमाएं, सजावट और प्रकाश व्यवस्था इसे अलग रूप देते हैं। धार्मिक आस्था के साथ यहां का दृश्य वातावरण भी श्रद्धालुओं और घूमने आने वाले लोगों को आकर्षित करता है।
दर्शन का समय और प्रवेश
चारधाम मंदिर में दर्शन के लिए सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक का समय बताया गया है। इसके बाद शाम 4 बजे से रात 8:30 बजे तक दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर में प्रवेश के लिए कोई शुल्क नहीं है और पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध 


चारधाम मंदिर के दर्शन के बाद वृंदावन की अन्य प्रमुख धार्मिक जगहों को भी यात्रा कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर और निधिवन जैसे स्थानों के अलावा बरसाना और गोवर्धन की यात्रा भी की जा सकती है। इस तरह चारधाम मंदिर की यात्रा को वृंदावन और आसपास के धार्मिक स्थलों के दर्शन के साथ जोड़ा जा सकता है।

वृंदावन पहुंचने के लिए मथुरा जंक्शन सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन बताया गया है। दिल्ली या आगरा से ट्रेन, बस या कैब के माध्यम से मथुरा-वृंदावन क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है। इसके बाद छटीकरा स्थित चारधाम मंदिर जाया जा सकता है।
अगर आप वृंदावन की यात्रा पर जा रहे हैं और राधा-कृष्ण मंदिरों के साथ किसी ऐसे धार्मिक परिसर को भी देखना चाहते हैं, जहां एक ही स्थान पर भगवान शिव, शनिदेव, राधा-कृष्ण और वैष्णो माता के दर्शन मिलें, तो चारधाम मंदिर को अपनी यात्रा सूची में शामिल किया जा सकता है।

अन्य सम्बंधित खबरे